कर किरपा शेरोवाली रखले अपने सरवेंट मुझे

कर किरपा शेरोवाली रखले अपने सरवेंट मुझे,
सेवा अपने भवनों की देदे माँ परमानेंट मुझे,
कर किरपा शेरोवाली रखले अपने सरवेंट मुझे,

गंगा से जल भर लाऊंगा उठ कर रोज सवेरे,
अस्नान करा कर पहनाऊगा फूलो के माँ सेहरे,
जन्मो के लिए करना है माँ आज ये एग्रीमेंट मुझे,
कर किरपा शेरोवाली रखले अपने सरवेंट मुझे,

इक बार सेवा का मौका देके देख मैया,
खुश हो जाएगा दिल तेरा सुन ओ जगत रचियाँ,
इक पलने में बिठा दूंगा कोई काम बता अर्जेंट मुझे,
कर किरपा शेरोवाली रखले अपने सरवेंट मुझे,

तेरे चरणो में गुजरेगी मेरी उम्र माँ सारी,
मुझे मिलेगी ममता तेरी तुझको तेरा पुजारी,
तू ना नहीं करेगी दाती विश्वाश है सो परसेंट मुझे
कर किरपा शेरोवाली रखले अपने सरवेंट मुझे,