रंग जोगी वाला चढ़ गया

रंग जोगी वाला चढ़ गया सोहना के कोई रंग सजदा ही नहीं,
तेरे वाजो जोगी सोह्णेया आ चंगा होर लगदा ही नहीं,
रंग जोगी वाला चढ़ गया सोहना के कोई रंग सजदा ही नहीं,

ऐसी किरपा करदी जोगियां तनु कदे भी बुला न,
तेरे हो गया तेरा रहना होर किसे ते डुला न,
जान मैं तेरे नाम कर ती के दर मैनु जग दा ही नहीं,
रंग जोगी वाला चढ़ गया सोहना के कोई रंग सजदा ही नहीं,

तेरे किरपा सदका जोगियां चलदा है परिवार मेरा,
इस वे मतलबी दुनिया दे विच तू ही है गम खार मेरा,
चरना च रखी जोगियां मैं होर कुझ मंग दा ही नहीं ,
रंग जोगी वाला चढ़ गया सोहना के कोई रंग सजदा ही नहीं,

दर तेरे तो सोहने जोगियां आज तक खाली मुड़िया न,
सनी शान नु एहना दिता ओह कदे भी रुलिया न,
औकात नालो वध दे दिता एह गल विच बंदा ही नहीं
रंग जोगी वाला चढ़ गया सोहना के कोई रंग सजदा ही नहीं,