दरबार में खाटू वाले के दुःख दर्द मिटाये जाते है

दुनिया ने जिनको ठुकराया याहा गले लगाए जाते है,
दरबार में खाटू वाले के दुःख दर्द मिटाये जाते है,

पी पी के ज़हर दर दो गम के जो हार गए है दुनिया में,
जी भर के प्याले अमृत के यहाँ रोज पिलाये जाते है,
दुनिया ने जिनको ठुकराया याहा गले लगाए जाते है,
दरबार में खाटू वाले के दुःख दर्द मिटाये जाते है,

किस्मत के मारे कहा रहे दुनियां छोटी पड़ जाती है,
जो श्याम शरण में आते है पलको पे बिठाए जाते है,
दुनिया ने जिनको ठुकराया याहा गले लगाए जाते है,
दरबार में खाटू वाले के दुःख दर्द मिटाये जाते है,

बनवारी जो मझधार में जिनका न कोई सहारा है,
दो आंसू गिरदे चरणों पर फिर पार लगाए जाते है,
दुनिया ने जिनको ठुकराया याहा गले लगाए जाते है,
दरबार में खाटू वाले के दुःख दर्द मिटाये जाते है,
download bhajan lyrics (100 downloads)