झूठे रिश्ते और नाते झूठी दुनिया की बाते

झूठे रिश्ते और नाते झूठी दुनिया की बाते,
झूठा है ये संसार मैया जी बस सच्चा है तेरा द्वार,

सच को पहचानू कैसे चेहरे पर है चेहरा,
डर लगता है डूब न जाऊ भवसागर है गहरा,
दिया सब ने है धोखा नहीं किसी पे भरोसा,
अब रहा न किसकी पे अतवार,
मैया जी बस सच्चा है तेरा द्वार,

यहाँ प्यार का मोल नहीं है दिल टुटा तो जाना,
अपनी अपनी लेकर डफली गाते सभी तराना जाना जग में यही है कोई किसी का नहीं है,
मतलब के है सभी यार,
मैया जी बस सच्चा है तेरा द्वार,

नहीं किसी से किसी को मतलब,
सब मतलब के साथी शरण में रखना मैया तू दीपक मैं बाती,
हाथ सिर पे माँ धरना दूर दर से न करना कहता पना यही बार बार,
मैया जी बस सच्चा है तेरा द्वार,