जिसे माँ का सहारा मिल जाए

जिसे माँ का सहारा मिल जाए,
वो बिन मांगे सुख पायेगा
पतवार हो जब माँ के हाथो
भव पर वो खुद हो जाएगा
जिसे माँ का सहारा मिल जाए,

माँ से धरती माँ से अम्बर माँ का दर्जा सब से उचा
माँ तू ही मेरा मंदिर है माँ तू ही मेरी पूजा है
माँ तुझसे बड कर दुनिया में मेरा और नही कोई दूजा है
माँ का कर्ज तू इस जीवन में कभी चूका न पायेगा
माँ की महिमा धरती अम्बर भी युगों युगों तक गायेगा
जिसे माँ का सहारा मिल जाए,

माँ अपने बचो की खातिर जाने कितने कष्ट उठा ती है
नो माह तक अपने बचे को माँ अपनी कोख में रखती है
उस की परविरिश की खातिर जाने कितने कष्ट वो सेहती है,
बड़े बड़े ग्यानी केहते है माँ से बड़ा न कोई
माँ गले लगाएगी तुझको जब जग तुझको ठुकराए गा
जिसे माँ का सहारा मिल जाए,