जय हो नरमदे तेरी जय जय कार

सदियों से माँ बेहती आई तेरी पावन धार,
जय हो नरमदे तेरी जय जय कार
तेरी जय जय कार हो मैया तेरी तेरी जय जय कार,

माँ की महिमा कोई न जाने केहते है ये लोड सयाने
विपदाओं को हर लेती है कोई माने या ना माने
माई तेरे अमृत जल ने सब पे किया उपकार ,
जय हो नरमदे तेरी जय जय कार

ऋषि मुनि और ग्यानी ध्यानी बाजे तेरी अमर कहानी
मैं कल पर्वत से भरू अजतक निर्मल करती सब जिंदगानी
भगती भाव से मात तुम्हे पूजे ये सारा संसार
जय हो नरमदे तेरी जय जय कार

करके सुमिरन मैया तेरा जीव जन्म तर जाते है
तेरे पावन निर्मल जल से लोग सुखी हो जाते है
साहिल की कभी आस न टूटे कर दो बेडा पार
जय हो नरमदे तेरी जय जय कार