साडे घर जगराता माँ दा

साडे घर जगराता माँ दा,
माँ दा लख लख शुकर मनाईये,
माँ दा रज रज दर्शन पाईये,
माँ दे खुल्ले दर्शन पाईये.....

माँ दी किरपा नाल मौका खुशियाँ वाला आया,
मेहरावाली मेहर है कित्ती,
साडा भाग जगाया,
छड्ड के चिंता दुनिया दी,
हुन चित चरणा विच लाईये,
माँ दा लख लख शुकर मनाईये,
माँ दा रज रज दर्शन पाईये......

महारानी कल्याणी अपनी मुझ विच आउंदी,
फिर अपने भगता दे घर विच,
मईया रानी खुश हो जावे,
रल मिल भेंटा गाईये,
माँ दा लख लख शुकर मनाईये,
माँ दा रज रज दर्शन पाईये.....

पल ना देर लगाओ भक्तो,
मंगलो जो भी मंगना,
माँ ने अपने बच्चियां नू,
रंगा दे विच रंगना,
कहंदा रोपड़ वाला जीवन,
माँ दा लख लख शुकर मनाईये,
माँ दा रज रज दर्शन पाईये.....
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