दादी थारे मंदिरियो चाकर रख लो

दादी थारे मंदिरियो चाकर रख लो ,
चाकर नहीं तो दवारपाल रख लियो,

कभी नागा न मारु मैं रोज काम को आउ गो
जो देवा गो बदले में मैं सिर माथे पर लगाओ गो,
यु तो सस्तो सोदो है काबुल कर लो
चाकर नहीं तो दवारपाल रख लियो,

रोज सवेरे ज्योत जगाऊ थाने भोग लगाऊ गो,
खूब लग्न से सेवा कर सु जी नहीं चुराओगो,
सेवा करने को इक मौको को दो,
चाकर नहीं तो दवारपाल रख लियो,

द्वार पे थारे बैठा करन सिंह चौंक से बिठाओ गो,
और जो आ से भगता थारे दर्शन ने ले ाओगो,
भूल अगर हो जावे तो थे बारे कर दीजियो,
चाकर नहीं तो दवारपाल रख लियो,