एक बार म्हारे कानी हस के तू देख मावड़ी

एक बार म्हारे कानी हस के तू देख मावड़ी,
कद सु थाने निरख रही है थारी टाबरी,

मैया थारो रूप माहरे नैना में समायो,
देख देख मैया थाने हियो हुल छायो,
पुलरो राजी हो गया मैया थारी देख ठाकरी,
कद सु थाने निरख रही है थारी टाबरी,

सारी देवियो में मैया तू ही सरताज है,
सेवकियाँ माँ थारे बन के माहने गड़ो नाज है,
बड़ो सुख पावा मैया थारी करके चाकरी,
कद सु थाने निरख रही है थारी टाबरी,

मैया माहरे सिर पे जद थे हाथ फिराई,
प्यार पाके मैया जी को आख्या भर आई,
श्याम कवे थे लगवा तेरी था सु हाजरी ,
कद सु थाने निरख रही है थारी टाबरी,