बिगड़ी बनाये चिंतापूर्णी

बिगड़ी बनाये चिंतापुर्णी सरकार है,
माँ की कृपा से मेरा चले कारोबार है ,
अम्बे शेरां वालिये तेरी जय जय हो,
तेरी जय जय हो दाती तेरी जय जय हो

मन्नत हो जो भी मैया पूरी कर देती है
अपने प्यारे ओं की झोली भर देती है,
डूबे हुए का मैया करे बेड़ा पार है ,
बिगड़ी बनाए चिंतापूर्णी सरकार है,

श्रद्धा से आकर जिसने शीशे को झुका दिया,
गिरे ना वो नीचे जिसको मैया ने उठा दिया,
कहते हैं मैया जी का सच्चा दरबार है,
बिगड़ी बनाए चिंतापूर्णी सरकार है,

दर तेरे आने का मैं ढूंढूं हर बहाना मां,
तेरी ही वजह से पाया खुशी का खजाना मां,
रहमत लुटाई तूने मुझ पर अपार है,
बिगड़ी बनाए चिंतापूर्णी सरकार है,