खाटू आले श्याम की महिमा से भारी

खाटू आले श्याम की महिमा से भारी,
भरता झोली सब की चाहे नर हो या नारी,

बंनझनियाँ की गोदी भर दी अंध्या ने अखाया,
कोड़ी ठीक होता हमने इस दर पे देखा,
अजब निराला देव से मोर छड़ी धारी,
भरता झोली सब की चाहे नर हो या नारी,

दीना का यो साथ निभा के बन गया दीना नाथ,
दर पे जो भी माथा टेकया वे नहीं अनाथ,
बाबा तेरी तीन लोक में चाले नंबरदारी,
भरता झोली सब की चाहे नर हो या नारी,

श्याम किरपा मनदीप हो जा बन जा बड़भागी,
कवे गोपाल दर्शन करके किस्मत से जागी,
झूठा रिश्ता दुनिया का साँची तेरी यारी,
भरता झोली सब की चाहे नर हो या नारी,