मत इतराओ मन वनवारे के

मत इतराओ मन वनवारे के इक दिन सब मिट जाना है,
आये जिस दिन प्रभु की पुकार हमे जग छोड़ के जाना है,
मत इतराओ मन वनवारे के...

ये तेरी काया ये तेरी माया कुछ भी न हर दम रहे गा,
बीता समय तो यो तेरे प्यारे कोई न साथी बने गा,
तू अकेला ही आया था अकेला ही तुझे जाना है,
मत इतराओ मन वनवारे के......

कितने यत्न से कितनी लग्न से जग अपना तूने सजाया,
सचाई जीवन की कड़वी बहुत है क्यों ये समझ न पाया,
जो आज ये तेरा है वो कल दूजे का हो जाना है,
मत इतराओ मन वनवारे के.....

नेकी के पथ पे तू चल के रही दुनिया को अपने सजा ले,
जीवन का मतलब एक है प्यारे सबको को तू अपना बना ले,
यही नेकी तेरी अंकुश करे गा जमाना है,
मत इतराओ मन वनवारे के.........
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