जय अंबे जागोद्धारिणी

जय अंबे जागोद्धारिणी,  
जय माते नारायणी,
जय हे दुर्गती हरिणी ,    
जय जय हे व्याघ्रासिनी ॥

शुभमति दानी, शुभगति दानी,  
भगवती भक्ति प्रदायिनी
मातृरूप धरी वरद शुभंकरी ,    
माते चिन्मय रुपिणी  ॥  

सूरमुनी ध्यावत,  पार न पावत,  
जननी त्रिभुवन स्वामिनी
आद्या शक्ति दे भवमुक्ति,      
माया मोह विनाशिनी  ॥

हे गिरीनंदिनी  विश्वविनोदिनी  
विष्णू विलासिनी मोहिनी  
शैलसुते हे रम्य कपर्दिनी  
जय महिषासुर मर्दिनी ॥


गीत - संगीत : अरुण सराफ
गायन : पंडित आनंद भाटे