रज के रजाया साहनु माता ने

रज के रजाया साहनु माता ने,
चरनी लगाया सहनु माता ने,

खोल दवे मियाँ जदोंदया वाले द्वार जी,
सुध भूध भूल जावे ऐसा देवे प्यार जी,
नही ठुकराया सहानु माता ने,
चरनी लगाया सहनु माता ने,

दुनिया दा प्यार दिता नाले दिता मान है,
चोह्न्दे ने लोकी किता माँ ने एहसान है,
रस्ता दिखाया सहनु माता ने,
चरनी लगाया सहनु माता ने,

पूरण प्रेम माँ दा नाम जप के,
हर साल जावे मियाँ दर भज के,
गायक बनाया सहनु माता ने,
चरनी लगाया सहनु माता ने,
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