नाचू छमा छम मंदिर में

धनि चुनरियाँ ओड के मैं नाचू  छमा छम मंदिर में,
लाज शर्म सब छोड़ के मैं नाचू  छमा छम मंदिर में,

मीठी मधुर इक तान सुना कर तूने दीवानी कर डाला,
तृर्षि नजर से तीर चला कर दिल मेरा घायल कर डाला,
तेरी बिरहा में जलते जलते नाचू  छमा छम मंदिर में,
धनि चुनरियाँ ओड के मैं नाचू  छमा छम मंदिर में,,

तेरे इश्क़ की बरसे बदलिया जब से मुझपे बून्द गिरा,
सारे कहे मुझे तेरी जोगिनिया जब से मुझे तुझसे नैन मिला,
बाबुल की सब सहज धज के नाचू छमा छम मंदिर में,
धनि चुनरियाँ ओड के मैं नाचू  छमा छम मंदिर में,,

जब से लगन मुझको तेरी लागि बस में नहीं है मेरा ये दिल,
अपने ही रंग में रंग ले कन्हियाँ अब तो हुआ जीना मुश्किल,
संजीव सांवरियां तेरे भवन पे नाचे छमा छम मंदिर में,
धनि चुनरियाँ ओड के मैं नाचू शमा शम मंदिर में,