सारे जहाँ के मालिक तेरा ही आसरा है

सारे जहाँ के मालिक तेरा ही आसरा है,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,
सारे जहाँ के मालिक तेरा ही आसरा है,

हम क्या बताएं तुमको सब कुछ तुझे खबर है,
हर हाल में हमारी तेरी तरफ नजर है,
किस्मत है वो हमारी जो तेरा फैंसला है,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,

हाथो को दुआ की खातिर मिलाएं केसे ,
सजदे में तेरे आकर सर को झुकाएं केसे,
मजबूरियां हमारी बस तू ही जानता है ,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,

रो करकहे या हंस कर कटती है जिंदगानी,
तू गम दे या ख़ुशी दे सब तेरी मेहेरबानी,
तेरी ख़ुशी समहजकर सब गम भुला दिया है,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,

दुनिया बना के मालिक जाने कहाँ छिपा है,
आता नहीं नजर तू बस इक यही गिला है,
भेजा इस जहाँ में जो तेरा शुक्रिया है ,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है

सारे जहाँ के मालिक तेरा ही आसरा है
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है

पंडित देव शर्मा बृजवासी
श्रेणी
download bhajan lyrics (824 downloads)