जब पुकारे श्याम को वो

कर लिया जिसने भरोसा वो नहीं पछतायेगा,
जब पुकारे श्याम को वो सामने ही पायेगा,

मीरा ने करके भरोसा ज़हर प्याला पी लिया ,
प्रेणा की प्रभु ने विष को अमृत कर दिया,
लाख हो दुश्मन ज़माना फिर भी वो बच जाएगा,
जब पुकारे श्याम को वो............

है बड़ी शक्ति प्रभु के नाम और विश्वास में,
रोज रहे वो बुखारी राम जी की आस में,
प्रेम के वस् होक झूठे बेर वो खा जायेगा,
जब पुकारे श्याम को वो........

नाम की महिमा बड़ी तू रोज जप कर देखले,
आये गए ऐसा मजा के मस्तिया फीकी लगे,
तेरे हर रूहे में प्यार श्याम ही छा जायेगा,
जब पुकारे श्याम को वो...........

आलू सिंह कज लाज जग की नाचता दरबार में,
जुड़ गया था तार उनका सँवारे सरकार से,
जब तलक है चाँद तारे यश ज़माना गाये गा,
जब पुकारे श्याम को वो.........