अजब करिश्मा अजब नजारे

अजब करिश्मा अजब नजारे अजब है माँ का प्यार
चलो आंबे के द्वार जगदम्बे के द्ववार,
तीन लोक की रानी करेगी सब का बेडा पार
चलो मैया के द्वार शेरोवाली के द्वार

तिरकुट पर्वत पर मिया की ठंडी गुफा सुहानी है
माँ के चरणों से बेहता शीतल गंगा का पानी है
पिंडी रूप पे मात विराजे पूज रहा संसार
चलो माता के द्वार ज्योता वाली के द्वार

चमतकारनी है मेरी दाती चमत्कार दिखलाती है
भटके हुए हर राही को माँ मंजिल तक पोह्चाती है
सचे मन से इक बार तू जय माँ जय माँ पुकार
मैया रानी के द्वार शेरोवाली के द्वार

ध्यानु तारे श्री धर तारे तारण हारी माता है तर जाते है भगत हजारो जो भी ध्यान लगाता है
माँ चरणों में सिर को जुका के जीवन ले तू सवार
चलो आंबे के द्वार जगदम्बे के द्वार
अजब करिश्मा अजब नजारे अजब है माँ का प्यार