माखन चोर प्यारा लागे

नंद किशोर वो माखन चोर प्यारा लागे,
छलिया नटखट वो चित चोर न्यारा लागे.....

गऊए चराने जब भी वो कहीं आता जाता,
छुप छुप उसको देखूँ मेरे मन को भाता,
श्याम वर्ण वो मटकी फोड़ प्यारा लागे,
नंद किशोर वो माखन चोर प्यारा लागे,
छलिया नटखट वो चित चोर न्यारा लागे.....

पवन के झोंके बंसी की स्वर लहरी लाएं,
सुन के रूके ना पाएं गोपी भागी जाएं,
सूझे बुझे ना कुछ और प्यारा लागे,
नंद किशोर वो माखन चोर प्यारा लागे,
छलिया नटखट वो चित चोर न्यारा लागे.....

सूखे बंजर मन पे प्रेम सुधा बरसाये,
भीगे तन मन प्यासा कोई रह ना पाए,
नाचे मन का छम छम मोर प्यारा लागे,
नंद किशोर वो माखन चोर प्यारा लागे,
छलिया नटखट वो चित चोर न्यारा लागे.....
     
श्रेणी
download bhajan lyrics (389 downloads)