जीवन की डोर तुमसे

जीवन की डोर तुमसे बांधी है सांवरे,
दर्शन की भीख दे दो नैना हैं बावरे,

तेरी ही याद में हम दिन रात जल रहे हैं,
जग की है आश टूटी गिर गिर के चल रहे हैं,
अब तो मुझे बनाले तेरा दास सांवरे,दर्शन.........

ढूंढा गली गली भटका डगर डगर में,
दिल हो गया दीवाना मोहन तेरे नगर में,
पागल बना हूं तेरा मेरे यार सांवरे,दर्शन............

तेरे सिवा नहीं है मेरा दूसरा सहारा ,
आजा रे मीत आ मिल सबको है तुमने तारा,
कर दो कृपा की मुझपे एक कोर सांवरे,दर्शन.......

दर पे मैं आया तेरे चरणों में अपने रखना,
मैं तो हूं पतित पापी करुणा की दृष्टि रखना,
ले लो शरण में मुझको एक बार सांवरे,दर्शन.........

अवधेश राणा,मथुरा
6395870827
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