घंटा चार का बजता है

घर का नौकर बाहर का बाबू माजे तवा परात, किसी से मत कहना
घंटा चार का बजता है बीवी मुझे जगाती है
सुबह की चाय का चूल्हा भी मुझसे ही जलवाती है
जो हो जाये मुझे देर सबेर, मारे दो घूसे दो लात
घर का नौकर बाहर का बाबू माजे तवा परात, किसी से मत कहना

बच्चों के कपड़े धोना बीवीजी ने छोड़ दिया
छुट्टी के दिन धोता हूँ होकर के लाचार
घर का नौकर बाहर का बाबू माजे तवा परात, किसी से मत कहना

मेरी माँ बहनो से वो इंग्लिश मैं बतियाती है
अगर मगर की भाषा बोले पढ़ी न एक क्लास
किसी से मत कहना
घर का नौकर बाहर का बाबू माजे तवा परात, किसी से मत कहना

नाम चित्रा
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