अयोध्या धाम है यही

बने है याहा मंदिर घर घर में वसे है यहाँ राम जी कण कण में
अरे दुनिया में सुंदर नाम है यही धाम है यही
अयोध्या धाम है यही

याहा पे रेहती हर इक दिल में सिया राम की सूरत है
याहा की हर इक शाम ही राधे सुबह बड़ी खुबसूरत है ,
बहे याहा सरयू की धारा लगे याहा हर मोसम प्यारा
अरे संकट का निदान है यही धाम है यही
अयोध्या धाम है यही

इक बार जो अवध में आये यही का बो हो जाता है
पावन है अस्थान बड़ा ही सब के मन को बाहता है
याहा की बड़ी मीठी बोली है लगे के जैसे मिश्री घोली है
अरे हम सब की पहचान है  यही धाम है यही
अयोध्या धाम है यही

जीवन जितनी बार मिले हर जन्म अयोध्या पाऊ मैं
ऐसे ही सिया राम की महिमा बैठ के निशदिन गाऊ मैं,
ये केहती ज्योति इत वारी अयोध्या जान से है प्यारी
इस संतोष की शान है यही धाम है यही
अयोध्या धाम है यही
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