मेरा साथी खाटूवाला है ना हिस्से आयी हार मेरे

मेरा साथी खाटूवाला है ना हिस्से आयी हार मेरे
भीड़ पड़ी मैं सहारा देते बाबा लखदातार मेरे

जीवन की नैया मेरी जब जब डोली
हारे के सहारे की जय मन बोली
बाबा ने राखी मेरी लाज अनमोली
बात आवाज की आज मन मैं खोली
करे हर दम बेड़े पार मेरे

सर पे रहती खाटूवाले की छाया
श्याम कसम मेरी आनंद काया
बड़े बड़ो से सुनने मैं आया
सबके अंदर भगवन बताया
अब खुल गए घाट के द्वार मेरे

दूर रहे से हर दुख अँधियारा
दिल मैं बसाया श्री श्याम द्वारा
सच्चे मन से जब भी पुकारा
तभी दिया है बाबा ने सहारा
दिए सारे कारज सार मेरे

श्याम सांवरा खाटूवाला
झटपट खोल दे किसमत का ताला
करलो कमल सिंह प्रेम निराला

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