तेरे प्यार का आसरा चाहता हु

तेरे प्यार का आसरा चाहता हु
किरपा सिन्धु तेरी किरपा चाहता हु

मैं चाहता हु जानू क्यों मशहुर हो तुम
क्यों भगतो के कोहिनूर हो तुम
जरा पास आओ क्यों ऐसे दूर हो तुम
तुम्हे पास से देखना चाहता हु
किरपा सिन्धु तेरी किरपा चाहता हु

मैं चाहता हु मुझपे भी तुम्हारी नजर हो
तेरे इश्क का मुझपे ऐसा असर हो,
जमाने को बुलु बस तेरी खबर हो
तुम्हे रात दिन सोचना चाहता हु
किरपा सिन्धु तेरी किरपा चाहता हु

मैं भटका हुआ हु मुझे राह दिखाओ
प्रभु प्रेम करना मुझे भी सिखाओ
जो काबिल नही तेरे काबिल बनाओ
मैं भी तुझे पूजना चाहता हु
किरपा सिन्धु तेरी किरपा चाहता हु

मेरे सिर पे बाबा जरा हथ धर दो प्रभु भाव एसा मेरे दिल में भरदो
सोनू को भी भजनों में मदहोश करदो
तेरी मस्ती में झूमना चाहता हु
किरपा सिन्धु तेरी किरपा चाहता हु
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