हो जो नज़रे करम आपकी

हो जो नजरें करम आपकी, फिर नहीं डर है संसार की ,
एक नजर दास पर हो कभी, फिर नहीं डर हे संसार की

कोई दाता है तुझसा नहीं, दिन मुझसा है कोई नहीं,
अब तो तेरे सिवा इस जहाँ में है किसी पर भरोसा नही
तेरे हाथों में है जिन्दगी
फिर नही डर है--------

चाहे कितना भी करके जतन, कोई भी साथ जाता नहीं,
मौत जब सामने होगी तेरे, कोई भी रोक पाता नहीं,
गर हो सच्ची तेरी बंदगी
फिर नही डर है--------

कल पे बातों ना छोड़ो 'फणि' कल पे कुछ जार चलता नहीं
वक्त से पहले किस्मत से ज्यादा माँगने पे भी मिलता नहीं
है ये जीवन बड़ा कीमती
फिर नही डर है।
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