कहते है आप विधाता तेरी जय हो संतोषी माता

कहते है आप विधाता तेरी जय हो संतोषी माता,

गजानन की सुता तुझे सब का पता तेरा कण कण में वास पूरी कर देना आस,
कोई और न तुजसे बाबा तेरी जय हो संतोषी माता,

मैया चार बुजा वाली तू है महाबली शाली,
तेरी शरण में जो आये मन चाहा फल पाए,
तेरी महिमा है संसार गाता
तेरी जय हो संतोषी माता,

तेरी शक्ति अपार करती सपने साकार
झोली भर्ती हो माँ चिंता हरती हो माँ,
तेरा भक्त हर दम सुख पाता,
तेरी जय हो संतोषी माता,

तेरा व्रत जो करे बेडा उस का तरे,
सिद्ध होते है काज सदा रखती हो लाज,
दुःख उसके निकट न आता,
तेरी जय हो संतोषी माता,

तेरी दया से वर दाती माटी सोहना बन जाती,
तेरे ध्यान में जो खोये बाल बांका न होये,
तेरा जाप न निष् फल जाता तेरी जय हो संतोषी माता,