गूंज उठे जैकारे राजा

गूंज उठे जैकारे राजा नाभि राये के द्वारे,
धरती पर भगवन पधारे आधी कुमार की जय,

मरुदेवी के अंगना आयो छोटो सो इक ललना धीरे धीरे झूले पलना,
आधी कुमार की जय,

अवध पूरी में भजति विदाई ढोल नगाड़े भाजे शहनाई,
बालक को देख कर मन न अघाये,
सेहस नैन कर सौ धर्म आये,
दान दोनों हाथो से राजा ने लुटाये ,
नर नारी दर्शनों की होड़ लगाये.
मुख पर तेज है भारी बालक तीर खनकर अवतारी,
सब के जाऊ मैं बलहारी आधी कुमार की जय,


एह रावत हाथी पे बैठाये,
इन्दर सुमेरु पर ले जाये,
शीरो दहदि से प्रभु नवन कराया रे,
आंदन आज तीनो लोको में छायो रे,
सखियाँ नाचे गावे सब मिल मंगला चार सुनावे,
बालक को शृंगार करावे आधी कुमार की जय,

मरुदेवी मैया हरषाये गॉड में जिनकी नाथ है पाये,
प्रभु को परनाम करे सब नर नार रे,
जन्मे है आज सब के तारण हार रे,
तोरण द्वार बंधे सब द्वारे पलने में आये है पालनहारे,
लडडुआ खीर मिठाई नगरी में जाए बटवाई,
खा कर बोले लोग लुगाई आधी कुमार की जय
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