कहें तो कहें किससे श्याम तेरे सिवा

कहें तो कहें किससे श्याम तेरे सिवा,
सुनता नहीं है कोई तेरे सिवा,
कहें तो कहें किससे श्याम तेरे सिवा

तेरे बिना दूजा कोई अपना न लगता है,
हम को तो तू ही हमदर्द दिखता है,
दिल में दभी है जिनती भी बाते,
मिलती तसली तुम को बता के,
कहें तो कहें किससे श्याम तेरे सिवा

हाल दिल को भी अपना बताते है,
दास्तान अपनी वो पहले सुनाते है,
खुद की उल्जन में उलझा ज़माना,
कौन सुने है रूह का फ़साना,
कहें तो कहें किससे श्याम तेरे सिवा

कहने को तो अपना हमें कहते लोग सारे है,
पर तू ही बाँट ता सुख दुःख हमारे है,
सोनू न करते परवाह जहां की तुम को खबर है इतना ही काफी,
कहें तो कहें किससे श्याम तेरे सिवा