बन के मोर छड़ी सांवरिया

बन के मोर छड़ी सांवरिया थारे हाथ में सज जाऊ बन के मोरछड़ी,
हाथ में सज जाऊ मैं थारे हाथ में सज जाऊ बन के मोरछड़ी,

यह फिर मुकट सजा ले कान्हा मोर पंख मैं बन जाऊ,
लेहराऊ मैं थारे बाला में ऐसो रम जाऊ बन के मोरछड़ी,
बन के मोर छड़ी सांवरिया थारे हाथ में सज जाऊ बन के मोरछड़ी,

अपना ले मोहे श्याम सजा ले मोहे श्यामा थारी चरना री दासी बना ले मोहे श्यामा,

गले रो हार बना ले संवारा चम चम चमकू मैं,
लग जाऊ थारे सीने से मन में वस् जाऊ बन के मोर छड़ी,
बन के मोर छड़ी सांवरिया थारे हाथ में सज जाऊ बन के मोरछड़ी,

यहाँ फिर हाथ पकड़ ले कान्हा थारी बंसी बन जाऊ,
मीठा मीठा भजन सुना के होठां पे रम जाऊ,
बन के मोर छड़ी सांवरिया थारे हाथ में सज जाऊ बन के मोरछड़ी,

मोरछड़ी या बंसी माहने किसी बहाने तो रख ले रे,
रवि फौजी का बोल पुगा थारो चाकर बन जाऊ,
बन के मोर छड़ी सांवरिया थारे हाथ में सज जाऊ बन के मोरछड़ी,
download bhajan lyrics (182 downloads)