झूम बराबर झूम भंगेडी

ना संसार में, ना सुकून मिलता हैं मयखाने मे
चैन मिलता है तो बाबा तेरे शमशान मे

झूम झूम झूम झूम बराबर झूम भंगेडी झूम बराबर झूम,
काली घटाऐ, मस्त फिजाये  जाम उठाकर घुम घुम घुम,
झूम बराबर झूम भंगेडी झूम बराबर झूम,

आज शिव के प्याले से मुह्हबत कर ले,
गुस्ताख जमाने की नसीहत से बगावत कर ले,
भांग की मस्ती ने उठा रखी है दुनिया,
ये तो अच्छा ही हुआ भोले को दुजा नशा ना हुआ,
कम से कम भोले की मुरत का नजारा कर ले,
आखे मिलाकर के जिंदगी का सहारा कर ले,
आख मिलते ही जिंदगी का मजा आयेगा,
तुझको भांग की थंडाई का मजा आयेगा,
इतनी पिला की जमाने को भंगेडी कर दे,
तन तो क्या रूह को नशेडी कर दे,
प्याला जब सामने आयेगा तो मुस्कराना कैसा,
बात जब पिने की आये तो घबराना कैसा,
धूम मची है आ आ $$,खूब मची है आ आ,
धूम मची है  खूब मची है तू भी मचा ले धूम धूम धूम,
झूम बराबर झूम भगेडी झूम बराबर झूम,

इसके पिने से तबियत पे रवानी आये,
इसको बुड्डा भी  पीये तो जवानी आये,
पीनेवाले तुझे आ जायेगा पिने का मजा,
इसके हर घुट मे है अमृत सा नशा,
बात तो तब है के जब तू भोले का पुजारी बने,
तू नजर डाल दे जिस पर वॊ नशेडी बने,
सावन फाल्गुन मे पिने का मजा आता है,
पीनेवालो को ही जीने का मजा आता है,
जाम उठाले आ आ  मुख से लगा ले आ आ,
जाम उठा ले मुख से लगा ले ,
मुख से लगाकर चुम चुम चुम,
झूम बराबर झूम भगेडी झूम बराबर झूम,

जो भी यहा आता है पी के मचल जाता है,
जिसपे  भोले की नजर पडती है वो  संवर जाता हैं,
आ इधर झूम के भोले का प्याला तो उठा,
तकदीर संवर जायेगी 'तेरी एक जाम उठा,
इस कदर पी के रग रग मे सुरुर आये,
'तेरी आखों मे तररन्नुम और चेहरे पे नूर आये,
इसके हर कतरे मे समाई है भोले की मस्ती,
इसके पीने से पता चलती भक्ति की मस्ती,
शा न  से पीले आ आ शान से जी ले,
शान से पिले शान से जी ले ,
घुम नशे मे घुम घुम घुम,
झूम बराबर झूम भंगेडी झूम बराबर झुम,

प्रेषक
प्रफुल्ल भाऊ
8269753380
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