मेरा कान्हा पागल हो गया गूजरियों के मेले में

मेरा कान्हा पागल हो गया गूजरियों के मेले में,
किसी की मटकी फोड़ी किसी की बहियाँ मरोड़ी और डर डर के सब दौड़ी,
मेरा कान्हा पागल हो गया गूजरियों के मेले में

गोकुल में हला भारी अरे कहा गये वो मुरारी,
ग्वाल बाल सब ढूंढे और ढूंढे राधा प्यारी,
वो तो मुरली संग में ले गया गुजरयो के मेले में,
मेरा कान्हा पागल हो गया गूजरियों के मेले में,

देखो ये मुरली वाला अब बन गया खाटू वाला,
कलयुग का देव निराला है भक्तो का रखवाला,
ये शीश का दान दे गया हां भारत के मेले में,
मेरा कान्हा पागल हो गया गूजरियों के मेले में

हर गुजरी दिल से चाहे मेरा कान्हा मुझे सताये,
और मन ही मन में सोचे वो मेरा माखन खाये,
वो तो सब का माखन खा गया गुजरियो के मेले में,
मेरा कान्हा पागल हो गया गूजरियों के मेले में

हरी ॐ जो इन्हे रिजाये अपना ये उसे बनाये,
मेरे श्याम की महिमा भारी सोनी मारवल मिल गाये,
हर भक्त ही पागल हो गया गुजारियो के मेले में,
मेरा कान्हा पागल हो गया गूजरियों के मेले में
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