शेरा वाली माँ ने साहनु चिठ्ठी पाई आ

नचदिया जड़ो कंजका प्यारियाँ  जग च बजाओंदे ने भगत तड़िया,
सारे पास नाल रुशवाइयाँ हुन्दियां चढ़ निया औखियाँ चढ़ाइयाँ हुन्दियां,
बोल दे जय कारे जेहड़े ग़ज भजा के झोलियाँ भरौंदे नाले आउंदे रज के,
सपने च आके दिंडी दिखाई आ,शेरा वाली माँ ने साहनु चिठ्ठी पाई आ,

जेब विच हैनी पैसा थेला झलिये,
काहदे नाल देखना है मेला झलिये,
किथों मैं बनावा पैसा ला के कुंडिया,
चढ़ निया औखियाँ चढ़ाइयाँ हुन्दियां,

श्रदा दे नाल कह दे जय भगता,
आप जाऊ शेरावाली ले भगता,
सरेया दुखा दी बस यह दवाई आ,
शेरा वाली माँ ने साहनु चिठ्ठी पाई आ,

एह दी की जवाका वांगु जिद करके,
पौड़ी पौड़ी जाना पेंदा खड़ खड़ के,
कइया दे हथा च फड़ाइया तूंबियाँ,  
चढ़ निया औखियाँ चढ़ाइयाँ हुन्दियां,

गोटा ला के लाल झंडा मैं बना लिया ,
जाना मैं जरूर बसी वलियाँ,
सोनुआ दस वे क्यों देर लाइ आ,
शेरा वाली माँ ने साहनु चिठ्ठी पाई आ,