दीवानी मैं दीवानी

मुक्तसर है ये मेरी कहानी साईं बाबा की हुई मैं दीवानी,
दीवानी मैं दीवानी,

उसका मुखड़ा है मेरा दर्पण,
उसका सदका है मेरा जीवन,
वो है दाता तो मैं भिखारन,
वो है पूजा तो मैं पुजारन,
मुक्तसर है ये मेरी कहानी साईं बाबा की हुई मैं दीवानी,

मेरे जीवन  का तू खिवाइया,
ढुभ जाए ना मेरी नैया सबकी पूरी हो ताबीरे,
पड़ ले साईं मेरी तहरीरे,
मुक्तसर है ये मेरी कहानी साईं बाबा की हुई मैं दीवानी,

अल्लह मालिक कहे अल्लाह हु ,
क्या किस दिल में जानता है तू,
सबकी पहचान तू बाताता है हर किसी को गले लगता है,
मुक्तसर है ये मेरी कहानी साईं बाबा की हुई मैं दीवानी,
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