दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ

दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,
दिन में मंगल पाठ करा सा कीर्तन सारी रात,
दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,

गणपत न्योता हनुमत न्योता श्याम धनि में भुलावा जी,
चन्दन जी ने हेलो महारा न्योता भोला नाथ,
दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,

रमा कांत जी के हाथ से सूंदर पाठ लिखाई सी,
पाठ कार्निया पावे दादी परचा हाथो हाथ,
दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,

हर उस्तव में दादी थारो मंगल पाठ करावा जी,
अष्ट सीधी नव निधिया की दो म्हणे सौगात,
दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,

चौदस थी ज्योत जलावा अमावस भोग लगावा जी,
मेहना बर में करता रह सा मायड़ थी बात,
दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,

चुनड़ लयावा चुड़लो ल्यावा रोली मेहँदी ल्यावा री,
रजनी गेहँदा मोह गहरा को क ल्यावा गजरो साथ,
दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,

टाबर था भोला ढाला चरण चाकरी रखली रे,
कैलाशी ने बना ले चाकर सदा राखी जे साथ,
दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,