माँ मेरी अम्बे ने लखा पापी तारे

भगत प्यारे दर्शन पाके करदे जन्म सुहेला,
माँ मेरी अम्बे दे दर लगाया मेला,
श्रदा दे नाल ज्योत जगा के लौंडे भगत जयकारे,
माँ मेरी अम्बे ने लखा पापी तारे,

सोन महीना भागा वाला खुशिया भगत मनांदे,
माँ दा झंडा गोटे अते किनारियाँ नाल सजाउंदे,
कहन्दे जल्दी करो तयारी हो न जाए कवेला,
माँ मेरी अम्बे दे दर लगाया मेला,

तुर दरगाहो तूतिया होइया मैया पल विच डंडे,
मेहरा वाली मेहरा कर के झोलियाँ भर भर वंडे,
हीरे मोती रत्न जवाहर पा भरे भंडारे,
माँ मेरी अम्बे ने लखा पापी तारे,

अन जल छड़ के भगत प्यारे माँ दे रखन नवराते ,
मन मोहने जांदे भवन ओ सारे नित होवण जगराते,
नच नच रात लगोंदे सारी चकदो शर्त झमेला,
माँ मेरी अम्बे दे दर लगाया मेला,

सोखी संगड़ा वाले ने वि देखिया है कई वारी,
माँ दे चरनी चुकदे ने आके बड़े बड़े हँकारी,
ताहियो तारा आ भी जावे मैया दे बलिहारी,
माँ मेरी अम्बे ने लखा पापी तारे,

download bhajan lyrics (518 downloads)