आज गुरु जी मेरे घर आये ने

आज गुरु जी मेरे घर आये ने,
नी मैं उचियाँ भागा वाली,
मेरी कुटिया दे भाग जगाये ने,
आज गुरु जी मेरे घर आये ने,

नी मैं राह विच नैन विशावा नाले चंदन तिलक लगावा,
नी मैं रज रज दर्शन पावा,आज गुरु जी मेरे घर आये ने,

ओ जग दा पालनहारा नाले दुनिया दा रखवाला,
ओ सब दे दुःख मिटाये आज गुरु जी मेरे घर आये ने,

नी मैं जींद डी कॉल घुमामा नाले चरना दी राज पावा,
ओ हस हस किरपा लौटाए,आज गुरु जी मेरे घर आये ने,

नी मैं हिरदे दा थाल बनावा ते नैना दी ज्योत जगावा,
नी मैं आरती आपि गावा आज गुरु जी मेरे घर आये ने