मैं गुरु बिन देखे नींद न आवे

मैं गुरु बिन देखे नींद न आवे,
मेरे मन तन में गुरु बिरहु लगावे,
नींद ना आवे नींद ना आवे,

मद सूदन मेरे मन धन प्राणा,
ओ हरी बिन दूजा न जाना,
कोई सजन संत मिले बड़बागी,
मैं हर प्रभु पराया दसे जीवो,
नींद ना आवे ....

हो मन धन खोजी पाल पलाई,
क्यों प्यारा प्रीत मिले मेरी माई,
मिले सत्संगत खोज देसाई,
मिले सांगत हर प्रब वासे जियो,
नींद ना आवे ....

मेरा प्यारा प्रीतम सतगुरु रखवाला,
हम बालक दीं करो पर्थ पाला,
मेरा मात पिता गुरु सतगुरु पूरा,
गुरु जल मिल थम विगसे जियो,
नींद ना आवे ....