बह के बड़े मंदिर विच

मेरे गुरु जी खुशिया वंड दे ने बह के बड़े मंदिर विच,
बह के बड़े मंदिर विच,
ओ कष्ट रोग सब हरदे ने बह के मंदिर विच,
मेरे गुरु जी खुशिया वंड दे ने बह के बड़े मंदिर विच,

इक इक वचन गुरु दा सत है सब दी रखड़ा इज्जत पथ है,
ओ सबनु गल नाल लौंदे ने बह के बड़े मंदिर विच,
मेरे गुरु जी खुशिया वंड दे ने बह के बड़े मंदिर विच,

सब दी किस्मत तेरे हाथ है,
भूले होया नु पथ है,
ओ मोया नु जिमनदे ने बह के बड़े मंदिर विच,
मेरे गुरु जी खुशिया वंड दे ने बह के बड़े मंदिर विच,

किरपा निध नु सदा ध्यावो,
सुख समृदि डाट नु पावो,
लाख खुशिया ओ ता दिंदे ने,बह के बड़े मंदिर विच,
मेरे गुरु जी खुशिया वंड दे ने बह के बड़े मंदिर विच,