थारी भक्तो को रंग मापे

थारी भक्तो को रंग मापे चढ़ गया महारा सांवरिया,
मैं जोगन बन के नाचू जी,

सांवरिया थारे नाम की मस्ती दोहरा पीहा चढ़ती थी,
प्रीत की डोरी मंडा माहि ऐसी माहरे कस ती थी,
वो थारी प्रीत मापे ऐसी जोड़ा चढ़ गी माहरा सांवरियां,
जोगन बन के नाचू जी .....

श्याम नाम को जो मंत्र माह पे जो रा मारियो जी,
सुध भुध भूली साग्नि पिंकी हो गई श्याम दीवानी जी,
श्री श्याम को नाम मुख बोली महारा सांवरिया,
मैं जोगन बन के नाचू जी......

खाटू को यो सेठ सांवरो मनड़ो सबको मोहो जी,
सारे जगत में श्याम नाम को डंको जोड़ा भाजियो जी,
सच्चे भगता ने धयाला सु भुलावे महारा सांवरिया,
मैं जोगन बन के नाचू जी......