कोई कहे संत तुझको कोई फ़कीर रे

कोई कहे संत तुझको कोई फ़कीर रे,
मुझे मेरा साई लागे सबसे अमीर रे,

साई तेरे चरणों में जो भी कोई आता है,
मन की मुरादे साई वो पा जाता है,
तूने ही तो समजी है दुखियो की पीड़ रे,
मुझे मेरा साई लागे सबसे अमीर रे,

बाबा तेरे जैसा नहीं कोई है जग में,
तू ही तो संभाले साई मुझे पग पग में,
चाहे तो बदल दे तू हाथो की लकीर रे,
मुझे मेरा साई लागे सबसे अमीर रे,

तेरे दर पे आके जब जब हमने पुकारा है,
हर पल में साई बाबा बना तू सहारा है,
तू ही तो सवारे सबकी खोटी तकदीर रे,
मुझे मेरा साई लागे सबसे अमीर रे,
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