मैं गाउ तेरी भेट सुन ले आराम से

मैया तेरा रंग चढ़ गया शान से,
मैं गाउ तेरी भेट सुन ले आराम से,
तीन लोक में चर्चा तेरा आम है,
मैं लाया तेरी भेट तू लेले आराम से,

काली लक्ष्मी सरस्वती तू पिंडी रूप विराजे माँ,
ऊचे पर्वत मंदिर तेरा हर पल घंटा बाजे माँ,
घर घर में तेरी ज्योत जगे नवराते आन से,
मैं गाउ तेरी भेट सुन ले आराम से.

नाम तेरी महिमा मैया भक्त दीवाने गाते है,
अरे गली गली में हो जगराते तेरे ज्योत जगाते है,
ज्योत जगा ध्यान लगा के बैठे आराम से,
मैं लाया तेरी भेट तू ले ले आराम से,

जगराते में शैल दीवाना लिख कर भेट सुनाये गा,
तेरे नाम में मस्त मैया की मस्ती में ही गायेगा,
दूर दूर सांगत आई माँ तेरे द्वार पे,
मैं गाउ तेरी भेट सुन ले आराम से.