बेटी को ठुकराने वालो

बेटी को ठुकराने वालो,
सुनलो तुम्हे सुनाता हु,
इक बेटी की जीवन गाथा आज तुम्हे बतलाता हु,

बेटी का नसीब तो देखो इस धरती पर आई है,
मात पिता का बन के सहारा बेटी रूप में आई है,
मत ठुकराऊ इस बेटी को ये मैं तुम्हे बताता हु,
इक बेटी की जीवन गाथा आज तुम्हे बतलाता हु,

मात गर्व में जन्मी है बची देख पिता हैरान हुआ,
डॉक्टर से बाते करता है अरबोसन तयार किया,
मत ठुकारू इस बेटी को मैं ये मैं तुम्हे बताता हु,
इक बेटी की जीवन गाथा आज तुम्हे बतलाता हु,

होगी न घर में बेटी तो कैसे हमारे त्यौहार मने,
रक्षा बंधन भईया दूज न कोई त्यौहार मने,
सबसे बड़ा बेटी का धन का सुन लो तुम्हे सुनाता हु,
इक बेटी की जीवन गाथा आज तुम्हे बतलाता हु,

सत्ये धर्म की बात कहू तो बेटी घर की देवी है,
मात वेशनो में आती कन्या पूजा करवाती है,
सब से बड़ा बेटी का धन है सुन लो तुमे सुनता हु,
इक बेटी की जीवन गाथा आज तुम्हे बतलाता हु,

भारत देश की बेटी देखो सारे जगत में नाम करे,
लतामंगेश कर नाम है जिनका सुर संगीत में नाम करे,
आंख में अनसु भरता है शर्मा रो रो कर मैं कहता हु,
इक बेटी की जीवन गाथा आज तुम्हे बतलाता हु,
बेटी को ठुकराने वालो......
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