तेरा मुखड़ा तक तक साइयाँ लख लख शुक्र मनावा गी

गल सुन मेहरा वालियां साइयाँ प्रीता नाल तेरे मैं लाइयाँ,
कस्मा जन्म जन्म लई खाइयां लगियाँ तोड़ निभावा गी,
तेरा मुखड़ा तक तक साइयाँ लख लख शुक्र मनावागी,

दिल विच तेरा नूर समाया अखियां विच मूरत तेरी,
हर पास दिसदी है मैनु चन वर्गी सूरत तेरी,
न अकोइ चंगा ना कोई मंदा हर बंदा साई दा बंदा,
इजात मान मैं देके सब नु शीश झुकवा गी,
तेरा मुखड़ा तक तक साइयाँ लख लख शुक्र मनावा गी,

जद जद वि मैं तनु तका मैं रब दे दर्शन हुन्दे ने,
कखा वर्गे कदम मेरे लखा नाल खलोंदे ने,
दुबड़ी दुबड़ी पार उतर गई वे तेरा पल्ला फड़ के तर गी,
उचियाँ शाना वालिया निवि बन इतरावा गी,
तेरा मुखड़ा तक तक साइयाँ लख लख शुक्र मनावा गी,

तू मेरा मैं तेरी होगी जन्म जन्म ले वे साइयाँ,
यह दुनिया की जाने सादे प्रेम प्यारा दिन गहराइयाँ,
साहिल होगी बल्ले बल्ले रब ने किती काम सवले,
हर इक साग ते साइयाँ तेरा न लिखावा गी,
तेरा मुखड़ा तक तक साइयाँ लख लख शुक्र मनावा गी,
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