हांरे मारा मनड़ा बदल गया दिनड़ा ,

हांरे मारा मनड़ा बदल गया दिनड़ा,
वा पैलां री बात नहीं,

गौ माता की हाल बिगड़ गई, जीवती री खाल उदड़ गयी,
सावन सुखों सुखों जावे , बे मौसम बरसात गणी,
हांरे मारा मनड़ा ......

ईपीतल जुगड़ी पर छाई , मां जाया बोले नहीं भाई,
बेटो बाप ने आंख दिखावे , श्रवण सी सन्तान नहीं,
हांरे मारा मनड़ा ......

सतवंती नहीं रही लुगायां , बात करें घूँघट ने उठाया,
बहू सास ने गाल्या काढ़े , वा घूँघट में बात नही,
हांरे मारा मनड़ा ......

कई कई साधु हुया स्वादु , माया जाल को लाग्यो जादू,
बाबा जी ने चेला प्यारा , चेला में वा बात नही,
हांरे मारा मनड़ा ......

धुला राम जी कह गया सांची , ई कल युग री पोथी वांची,
सिर पर हाथ है गुरुदेव रो , दुश्मन की औकात नही,
हांरे मारा मनड़ा ......

प्रजापति म्यूजिकल ग्रुप भीलवाड़ा - 8947915979
भजन गायक - चम्पा लाल प्रजापति , मालासेरी डूँगरी
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