हर बात को तुम भूलो

हर बात को तुम भूलो भले माँ बाप को तुम मत भूलना,
उपकार इनके लाखो है इस बात को तुम मत भूलना,

धरती पे  देवो को पूजा भगवान् को लाख मनाया है,
तब तेरी सूरत पाई है संसार में तुझको भुलाया है,
इन पावन लोगो के दिल को पत्थर बन मत तोडना,
हर बात को तुम भूलो भले........

अपने ही पेट को काटा है और तेरी काया सजाई है,
अपना हर कोर खिलाया तुझे तब तेरी भूख मिटाई है,
इन अमृत देने वालो के जीवन में ज़ेहर मत गोलना,
हर बात को तुम भूलो भले.......

जो चीज भी तूने मांगी है वो सब कुछ तूने पाया है,
हर ज़िद को लगाया सीने से बड़ा तुझसे मेह लगाया है,
इन प्यार लुटाने वालो का तू प्रेम प्यार मत भूलना,
उपकार इनके लाखो है .........

चाहे लाख कमाए धन दोलत ये बंगला कोठी बनाई है,
माप बाप ही ना खुश है तेरे बेकार ये सारी कमाई है,
ये लाख नही खाख है इस राज को तू मत भूलना,
उपकार इनके लाखो है ......

घर घड़ी और वेयपार मिले अनमोल रतन मिल जाये गे,
हर चीज मिलेगी दोलत से माप बाप न मिल पायेगे,
निस स्वार्थ और ये पावन है इन चरणों को मत भूलना,
उपकार इनके लाखो है ....
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