कोई पिछले जनम के अच्छे कर्म

कोई पिछले जनम के अच्छे कर्म मुझे सतगुरु तेरा प्यार मिला,
यहाँ सारी दुनिया झुकती है मुझे आली दरबार मिला,
कोई पिछले जनम के अच्छे कर्म.....

जग के झूठे नाते देखे देखा ना सच्चा प्यार कही,
यहाँ दिल को आकर चैन मिले है वो आली दरबार यही,
सतगुरु मुझको मिल गया एसा,
कोई हुआ न होगा इस जैसा,
यहाँ सारी दुनिया झुकती है मुझे आली दरबार मिला,
कोई पिछले जनम के अच्छे कर्म.....

कोई और हमें अब क्या देगा इस दर से मैंने जो पाया है,
जिसको तरसे सारी जन्नत मेरे सिर पर वो साया है,
रब रूप दारके आया है उनमे रब का दीदार मिला,
यहाँ सारी दुनिया झुकती है मुझे आली दरबार मिला,
कोई पिछले जनम के अच्छे कर्म.....

शरदा से जो इनके दर बेठे उसने तो सब कुछ पाया है,
धन दोलत चरणों की दासी संसार भी फीकी माया है,
इनसे तो इनको ही मानगो ये मिले तो सब संसार मिला,
यहाँ सारी दुनिया झुकती है मुझे आली दरबार मिला,
कोई पिछले जनम के अच्छे कर्म.....
download bhajan lyrics (380 downloads)