लूट लिया चैन मेरा सावरिया

लूट लिया चैन मेरा सावरिया
सुन मुरली की धुन पड़ी बावरिया

मुश्किल है मेरा पनघट पे जाना,
सामने बैठा वो कान्हा दीवाना,
मेरी मटकी पे मारे वो कंकरिया,
सुन मुरली.......

धूम मचा कर छुप जाता है,
माखन चुरा कर मुकर जाता है,
ऐसा नटखट है ब्रिज का वो सावरिया,
सुन मुरली......

मुरली की धुन ने मन मेरा लूटा,
लाज शर्म के नाता छूटा,
ऐसी बैरन है कान्हा की बाँसुरिया,
सुन मुरली......

लड़े सास और लड़े नन्दिया,
कान्हा मारे बैरन सखिया,
आयी सपनो में सुखना की सावरिया,
सुन मुरली......
श्रेणी
download bhajan lyrics (385 downloads)