बोले साईं का एक तारा

बोलो साईं का एक तारा तुनक तुनक तुनक तुन,
का ध्यान है मन में तेरा जरा ले सुन सुन सुन
क्यों संकट से गबराए शिर्डी दर क्यों नही आये,
समज ले धुन धुन धुन.....

उपर वाला वहा पे बेठा है रे बनके जोगी,
वाहा पे जाते है दुनिया के सारे मन के रोगी,
सब छोड़ के दुःख के कांटे खुशियों के फूल उठाते,
ले तू भी चुन चुन चुन....

उसका दर है इसा कोई संकट वाहा न ठहरे,
चारो दिशायो में उसके तो आँखों के है पहरे,
सब छोड़ के दुनिया दारी बस आजा तू एक वारी,
ले राहे चुन चुन चुन...

साईं जी का एक तारा कब से तुझसे बोले,
अपनी किस्मत खोल वाहा वो सबकी किस्मत खोले,
नही उस जैसा कोई दानी ये बात सभी ने मानी,
तू सपने भुन भुन भुन....
श्रेणी
download bhajan lyrics (186 downloads)