गाऊ रे सब आरती श्याम धनी की

गाओ रे सब आरती श्याम धनी की,
गाओ रे सब महिमा श्याम धनी की,
गाते है सब देव ऋषि गन जिनकी,
गाओ रे सब आरती श्याम धनी की.....

घतोचकश के प्राण के प्यारे अल्हावती के लाज दुलारे,
खाटू में श्री धाम बनाया दुखन के है ये ही सहारे,
गाओ रे सब आरती श्याम धनी की,

सोने का सिघसन प्यारा फूलो का शिंगार तुम्हारा,
गल मोतियाँ की माला साजे सिर पे चवर डुले अति प्यारा,
गाओ रे सब आरती श्याम धनी की,

केशव के ये है वरदानी लख दात्री शीश के दानी,
शर्मा संजय आये शरण में बल भुधि दीजियो महादानी,
गाओ रे सब आरती श्याम धनी की,