लागे नज़र ना आज रे कहीं

मेरे श्याम की सूरत प्यारी जो देखे लूट लूट जाये सूरत पे,
लागे नज़र ना आज रे कहीं ॥

मानियो का मुकत चमकीला बड़ा सोहे रूप सजीला,
जो देखे लूट लूट जाए सूरत पे,
लागे नज़र ना आज रे कहीं......

माथे पे चन्दन टीका ॥
लागे चाँद भी अब तो फीका जो देखे लूट लूट जाये सूरत पे,
लागे नज़र ना आज रे कहीं

है नैन बड़े कजरारे ॥
दो कुण्डल भी मतवारे जो देखे लूट लूट जाये सूरत पे,
लागे नज़र ना आज रे कहीं

केसरियां बागा प्यारा ॥
क्या जचता श्याम हमारा जो देखे लूट लूट जाये सूरत पे,
लागे नज़र ना आज रे कहीं

चोखानी नजर उतरो,
बाबा पे तन मन वारो जो देखे लूट लूट जाये सूरत पे,
लागे नज़र ना आज रे कहीं